मिडिल ईस्ट में भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत: ईरान ने दी मंजूरी, जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकलेंगे 28 भारतीय जहाज और 778 नाविक
नई दिल्ली (न्यूज बबल्स डेस्क): पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर आई है। फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) के पास फंसे 28 भारतीय जहाजों और उन पर सवार 778 नाविकों की सुरक्षित वापसी का रास्ता साफ हो गया है। भारत की सक्रिय विदेश नीति के चलते ईरान ने इन जहाजों को वहां से गुजरने की हरी झंडी दे दी है।
कूटनीतिक बातचीत का असर:
यह सफलता विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची के बीच हुई फोन पर बातचीत के बाद मिली है। गौरतलब है कि इन 28 जहाजों में से 24 जहाज वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में हैं, जबकि 4 जहाज पूर्वी छोर पर मौजूद हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम:
शिपिंग मंत्रालय (Ministry of Shipping) के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि सरकार पल-पल की स्थिति पर नजर रख रही है। डीजी शिपिंग ने सभी जहाजों के लिए एक सख्त सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है, जिसमें 'रियल-टाइम डेटा' साझा करने और रिपोर्टिंग प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया है।
भारतीय बंदरगाहों पर स्थिति सामान्य:
अच्छी बात यह है कि वैश्विक तनाव के बावजूद भारत के प्रमुख बंदरगाहों (Ports) पर कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है। सरकार का पूरा फोकस इस बात पर है कि बाहरी तनाव का असर भारत की अर्थव्यवस्था और विदेशी व्यापार पर कम से कम पड़े। नाविकों की सुरक्षा और चिकित्सा सहायता के लिए भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं।
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