हॉर्मुज के पास फंसे 8 LPG टैंकर, सुरक्षित रास्ते के लिए ईरान से संपर्क में भारत?
नई दिल्ली:
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंता सामने आई है। खबर है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास आठ एलपीजी टैंकर फिलहाल आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। यह वही समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की सप्लाई होती है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार इन जहाजों को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाने के लिए ईरान के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। क्षेत्र में जारी तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार ये आठ एलपीजी टैंकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास खड़े हैं और आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित परिस्थितियों का इंतजार कर रहे हैं। भारत सरकार का कहना है कि गैस की सप्लाई प्रभावित न हो, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
इस मामले को लेकर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत भी की। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय हालात और द्विपक्षीय मुद्दों के साथ-साथ ब्रिक्स से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
सूत्रों का कहना है कि फिलहाल करीब 250 ईरानी नाविक भारत में मौजूद हैं, जो अपने देश वापस जाने का इंतजार कर रहे हैं। भारतीय प्रशासन ने उनके रहने और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हॉर्मुज मार्ग पर लंबे समय तक बाधा बनी रहती है, तो इसका असर भारत में एलपीजी की आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर वैकल्पिक योजनाएं भी तैयार कर रही है।
भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग 60 से 67 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, जिसमें बड़ी मात्रा सऊदी अरब और कतर जैसे खाड़ी देशों से आती है। इन जहाजों का प्रमुख रास्ता भी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज ही होता है।
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